महराजगंज। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने जिले के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर व्यापारियों की समस्याओं, उनके अधिकारों तथा संगठन की आगामी गतिविधियों को लेकर विस्तृत चर्चा की।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष ने व्यापारियों से अपने अधिकारों का उचित उपयोग करने तथा किसी भी प्रकार के शोषण से बचने के लिए जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यापारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और संबंधित स्तर पर उनके समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए।
बैठक के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए व्यापारियों ने अपनी समस्याएं पदाधिकारियों के समक्ष रखीं। प्रांतीय अध्यक्ष ने समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव सहयोग एवं आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों को अपने अधिकारों के साथ-साथ शासन की ओर से उपलब्ध सुविधाओं और योजनाओं की जानकारी भी होनी चाहिए। संगठन का उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाना तथा उनके हितों के लिए निरंतर कार्य करना है।
समीक्षा बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष सुधीर अग्रहरी एवं जितेंद्र जायसवाल, जिलाध्यक्ष फूलचंद अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विवेक भाई गुप्ता, युवा जिलाध्यक्ष गौतम जोशी, नगर अध्यक्ष सदर दुर्गेश गुप्ता, नगर अध्यक्ष कोल्हुई श्रीराम जायसवाल, महामंत्री कृष्णा शंकर उपाध्याय, युवा नगर अध्यक्ष कोल्हुई देव अग्रहरी, उपाध्यक्ष अभिषेक रौनियार, अशोक टिबड़ेवाल, श्रवण मद्धेसिया, सतीश मद्धेसिया, पत्रकार विजय बरनवाल, श्रीचंद बरनवाल सहित दर्जनों पदाधिकारी एवं व्यापारी उपस्थित रहे।
कुशीनगर और फरेंदा में भी हुआ व्यापार मंडल का गठन
प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने अपनी यात्रा के दौरान कुशीनगर एवं फरेंदा में भी व्यापारियों के साथ बैठक कर व्यापार मंडल का गठन किया। इस दौरान व्यापारियों की समस्याओं, संगठन को मजबूत करने तथा अधिक से अधिक व्यापारियों को संगठन से जोड़ने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
उन्होंने नवगठित पदाधिकारियों से व्यापारियों के हित में सक्रियता से कार्य करने, उनकी समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने तथा संगठन के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
प्रांतीय अध्यक्ष ने कहा कि व्यापारियों की एकजुटता से उनकी समस्याओं को प्रभावी ढंग से संबंधित अधिकारियों एवं उचित मंचों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने नवगठित इकाइयों के पदाधिकारियों को संगठन की नीतियों एवं उद्देश्यों के अनुरूप सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

